
ज्यूरिख स्थित अग्रणी वित्तीय फर्म यूबीएस अपने 26वें ग्रेटर चीन शंघाई में सम्मेलन। यह आयोजन 13 और 14 जनवरी को होगा और इसमें अर्थशास्त्र, निवेश और प्रौद्योगिकी जैसे विषयों की एक विस्तृत श्रृंखला पर चर्चा की जाएगी।
इस सम्मेलन में 3,600 से अधिक प्रतिभागियों के शामिल होने की उम्मीद है। इनमें 2,300 से अधिक घरेलू और अंतरराष्ट्रीय संस्थागत निवेशक, सॉवरेन वेल्थ फंड, फैमिली ऑफिस और निजी ग्राहक शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, लगभग 4.3 ट्रिलियन डॉलर के संयुक्त बाजार पूंजीकरण वाली 300 से अधिक शीर्ष चीनी कंपनियां भी इस आयोजन का हिस्सा होंगी।
इस वर्ष के सम्मेलन के विषय कई क्षेत्रों को कवर करने वाले हैं। इनमें चीन का आर्थिक परिदृश्य और निवेश पर इसके प्रभाव, कृत्रिम बुद्धिमत्ता में हुई प्रगति और विभिन्न क्षेत्रों में हुए बदलाव शामिल हैं। जिन क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा उनमें विनिर्माण, नए उद्योग और अन्य शामिल हैं। ऊर्जागतिशीलता पारिस्थितिकी तंत्र और उपभोक्ता बाजार।
ग्रेटर चाइना कॉन्फ्रेंस यूबीएस के लिए रणनीतिक महत्व रखती है। फर्म चीन के बाजारों की मजबूती, उन्नत विनिर्माण से लेकर कृत्रिम बुद्धिमत्ता में प्रगति तक फैली इसकी बढ़ती नवाचार क्षमताओं और इसके पूंजी बाजारों के बढ़ते वैश्विक महत्व को पहचानती है।
यूबीएस ग्रुप के सीईओ सर्जियो पी. एरमोटी, जो उपस्थित लोगों को संबोधित करने वाले हैं, ने कहा कि ये कारक विश्व स्तर पर नए निवेश अवसरों के लिए मार्ग प्रशस्त कर रहे हैं।
ग्रेटर चाइना कॉन्फ्रेंस क्या है?
ग्रेटर चाइना कॉन्फ्रेंस यूबीएस द्वारा आयोजित एक वार्षिक कार्यक्रम है। यह इसका 26वां वर्ष है, और इसमें अर्थशास्त्र, निवेश और प्रौद्योगिकी जैसे विषयों पर चर्चा की जाएगी।
इस सम्मेलन में किन-किन लोगों के शामिल होने की उम्मीद है?
इस सम्मेलन में 3,600 से अधिक प्रतिभागी शामिल होंगे, जिनमें 2,300 से अधिक घरेलू और वैश्विक संस्थागत निवेशक, सॉवरेन वेल्थ फंड, फैमिली ऑफिस और निजी ग्राहक शामिल हैं। इसके अलावा 300 से अधिक प्रमुख चीनी कंपनियां भी इसमें भाग लेंगी।
इस सम्मेलन का यूबीएस के लिए क्या महत्व है?
यूबीएस के सीईओ सर्जियो पी. एरमोटी ने कहा कि चीन यूबीएस के लिए एक रणनीतिक बाजार है। चीन के बाजारों की मजबूती, इसकी बढ़ती नवाचार क्षमताएं और इसके पूंजी बाजारों का बढ़ता वैश्विक महत्व दुनिया भर के निवेशकों के लिए नए निवेश अवसर प्रदान करते हैं।