जनवरी ७,२०२१

सड़क सुरक्षा में क्रांतिकारी बदलाव: जियो और एनएचएआई ने भारतीय राजमार्गों पर रीयल-टाइम मोबाइल अलर्ट की शुरुआत की

रिलायंस जियो
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सुरक्षा बढ़ाने और समृद्ध बनाने के एक सहयोगात्मक प्रयास में यात्रा राष्ट्रीय राजमार्गों पर अनुभव, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण इंडिया (एनएचएआई) ने रिलायंस जियो के साथ मिलकर एक दूरसंचार-आधारित अलर्ट सिस्टम लॉन्च किया है। यह सिस्टम वाहन चालकों को दुर्घटना-प्रवण क्षेत्रों, आवारा पशुओं वाले क्षेत्रों, कोहरे से प्रभावित सड़कों या अस्थायी यातायात परिवर्तन वाले क्षेत्रों जैसे उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों के पास पहुँचने पर वास्तविक समय में अलर्ट प्रदान करेगा।

सुरक्षा चेतावनी प्रणाली कैसे काम करती है

यह अलर्ट सिस्टम जियो के व्यापक 4G और 5G कवरेज का लाभ उठाएगा और एसएमएस, व्हाट्सएप और उच्च-प्राथमिकता वाले स्वचालित कॉल जैसे विभिन्न माध्यमों से सूचनाएं प्रदान करेगा। यह सिस्टम राष्ट्रीय राजमार्गों पर या उसके आसपास यात्रा करने वाले सभी जियो उपयोगकर्ताओं की ज़रूरतों को बिना किसी अतिरिक्त उपकरण की आवश्यकता के स्वचालित रूप से पूरा करेगा।

भविष्य की योजनाओं में इस प्रणाली को एनएचएआई की डिजिटल सेवाओं जैसे 'राजमार्गयात्रा' ऐप और 1033 आपातकालीन हेल्पलाइन के साथ एकीकृत करके एक एकीकृत डिजिटल सुरक्षा नेटवर्क तैयार करना शामिल है। जियो के 500 करोड़ से ज़्यादा के विशाल उपयोगकर्ता आधार को देखते हुए, इस दूरसंचार दिग्गज का दूरगामी नेटवर्क इस पहल को देश भर में विस्तारित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

आधिकारिक वक्तव्य

एनएचएआई के अध्यक्ष, श्री संतोष कुमार यादव ने इस पहल के महत्व पर प्रकाश डालते हुए इसे यात्रियों को समय पर और विश्वसनीय जानकारी प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रगति बताया। उनका मानना ​​है कि इससे वाहन चालक समय से पहले ही सोच-समझकर निर्णय ले सकेंगे और सुरक्षित ड्राइविंग की आदतें अपना सकेंगे, जिससे राष्ट्रीय राजमार्गों पर तकनीक-सक्षम सड़क सुरक्षा प्रबंधन में एक नया मानक स्थापित होगा।

जियो के अध्यक्ष, श्री ज्योतिंद्र ठाकर ने अलर्ट को कुशलतापूर्वक प्रसारित करने में दूरसंचार नेटवर्क की क्षमताओं पर ज़ोर दिया, जो सड़क दुर्घटनाओं की संख्या को कम करने में महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है। परियोजना का प्रारंभिक चरण उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों की पहचान करने और चयनित NHAI क्षेत्रीय केंद्रों में रीयल-टाइम अलर्ट सिस्टम स्थापित करने पर केंद्रित होगा, और साथ ही नियामक और डेटा सुरक्षा आवश्यकताओं का भी पालन किया जाएगा।

भविष्य की संभावनाएं

जियो के साथ साझेदारी के अलावा, एनएचएआई देश भर में अलर्ट सिस्टम की पहुँच बढ़ाने के लिए अन्य दूरसंचार ऑपरेटरों के साथ भी सहयोग करने की योजना बना रहा है। यह पहल भारत के राजमार्गों पर सुरक्षा, बुद्धिमत्ता और दक्षता में सुधार के उद्देश्य से उन्नत, स्केलेबल समाधानों को अपनाने के लिए एनएचएआई की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

प्रश्न और उत्तर

एनएचएआई और जियो द्वारा शुरू की गई दूरसंचार-आधारित अलर्ट प्रणाली का उद्देश्य क्या है?
इस प्रणाली का उद्देश्य राष्ट्रीय राजमार्गों पर सुरक्षा को बढ़ाना तथा यात्रा के अनुभव को समृद्ध बनाना है, क्योंकि इससे वाहन चालकों को उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में पहुंचने पर वास्तविक समय पर अलर्ट प्राप्त होगा।

उपयोगकर्ताओं तक अलर्ट कैसे पहुंचाए जाएंगे?
अलर्ट को जियो के व्यापक 4जी और 5जी कवरेज का उपयोग करके एसएमएस, व्हाट्सएप और उच्च प्राथमिकता वाले स्वचालित कॉल जैसे विभिन्न चैनलों के माध्यम से प्रसारित किया जाएगा।

इस सुरक्षा चेतावनी प्रणाली के लिए भविष्य की योजना क्या है?
इस योजना में इस प्रणाली को एनएचएआई की मौजूदा डिजिटल सेवाओं के साथ एकीकृत करना तथा देश भर में इस प्रणाली की पहुंच बढ़ाने के लिए अन्य दूरसंचार ऑपरेटरों के साथ सहयोग करना शामिल है।

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